13 जून 2022 | हार के बाद अब हरियाणा कांग्रेस में टकराव और गुटबाजी बढ़ने के आसार बन रहे हैं। हुड्डा समर्थक जहां अन्य गुट के सदस्य पर वोट रद्द कराने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं, अन्य गुट हुड्डा को हार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव में हार के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल ने पार्टी हाईकमान को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंप दी है। बंद लिफाफे में दी गई रिपोर्ट में उस विधायक का नाम लिखा गया है, जिसने पार्टी से गद्दारी की और जिसका वोट रद्द हो गया था। बंसल ने रिपोर्ट ये भी माना है कि संबंधित विधायक ने वोट डालने से पहले अधिकृत एजेंट (बंसल) को भी चकमा दे दिया। हालांकि, नियमों के तहत पार्टी की ओर से विधायक के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन आने वाले दिनों में उस विधायक पर गाज गिरना तय है।
राज्यसभा चुनाव में हार के बाद शनिवार शाम को कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल, राजीव शुक्ला, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अजय माकन ने बैठक की थी। बैठक में हार के कारणों समेत उस विधायक के नाम पर मुहर लगाई गई, जिसका वोट रद्द हुआ। इसके बाद रात को ही चारों नेता दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
बताया जाता है कि हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल ने अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी है। रिपोर्ट में बंसल ने कहा कि वह पार्टी की ओर से अधिकृत एजेंट थे लेकिन मतदान के समय विधायक ने वोट दिखाते समय उसे चकमा दे दिया। इसी कारण विधायक का वोट रद्द हुआ। इधर, हाईकमान राज्यसभा चुनाव में मिली हार के कारण काफी नाराज है। आने वाले दिनों में पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले उस विधायक पर भी गाज गिरना तय है। हालांकि, पार्टी हाईकमान हरियाणा प्रभारी के चकमा दिए जाने के बयान से भी संतुष्ट नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि बंसल पर भी कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि राज्यसभा का चुनाव काफी महत्वपूर्ण था और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन की साख इससे जुड़ी थी।
टकराव और गुटबाजी बढ़ने की संभावना
हार के बाद अब हरियाणा कांग्रेस में टकराव और गुटबाजी बढ़ने के आसार बन रहे हैं। हुड्डा समर्थक जहां अन्य गुट के सदस्य पर वोट रद्द कराने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं, अन्य गुट हुड्डा को हार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हुड्डा खेमे की ओर से दावा किया जा रहा है कि जो विधायक रायपुर गए थे, उन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी नहीं की है। कुलदीप बिश्नोई ने क्रास वोटिंग की थी, जबकि किरण चौधरी पहले ही दावा कर चुकी हैं कि उनका वोट रद्द नहीं हुआ। ऐसे में पार्टी से गद्दारी करने वाले विधायक के नाम को लेकर भी टकराव के हालात बन रहे हैं।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा का ट्वीट: रायपुर गए सभी 29 ने दिया वोट
इधर, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया है कि रायपुर गए सभी 29 विधायकों ने वफादारी से मतदान किया है। अपने ट्वीट में लिखा है कि, हमारे 29 विधायक जिन्होंने सत्ता बल, धन बल व षड्यंत्रों के आगे सिर नहीं झुकाया। उनकी ईमानदारी, मतदाता के प्रति वफादारी और बलिदान को हरियाणा के लोग सदा सदा याद रखेंगे। जब धन और सत्ता के तूफान के आगे बड़े बड़े धराशायी हो गए, तब भी इन्होंने ईमानदारी की लौ बुझने नहीं दी। अंतत: जीत इन्हीं की होगी।
सोर्स ;-“अमर उजाला”
