6 मई 2023 ! दिल्ली (Delhi) में प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर से हर वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे हैं. ये प्रदूषण गर्मियों के मौसम में और भी बढ़ जाता है. इससे निपटने की कवायद में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने 14 सूत्री समर एक्शन प्लान की घोषणा की है, जिसमें धूल-प्रदूषण को नियंत्रित करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है, क्योंकि गर्मियों के दिनों में धूल-प्रदूषण सबसे अधिक होता है.
इस समर एक्शन प्लान के तहत धूल-प्रदूषण के अलावा खुले में कूड़ा जलाने से लेकर औद्योगिक प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे. साथ ही, ठोस कचरा प्रबंधन, रियल टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी, ग्रीन कवर बढ़ाने, झीलों के विकास और पड़ोसी राज्यों से संवाद समेत अन्य कदम भी उठाए जाएंगे. इसकी घोषणा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश की संसद ने भी माना है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है.
सीएम केजरीवाल ने कहा कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयास से 2016 से 2022-23 तक दिल्ली के वायु प्रदूषण में 30 प्रतिशत की कमी आई है. उन्होंने कहा कि 2016 में सीवियर के 26 दिन थे, जो 2022 में घटकर 6 रहे गए हैं. वहीं, वेरी पुअर और सीवियर के 124 दिन थे, जो घटकर 72 रह गए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे सर्दियों में दिल्ली सरकार अपना विंटर एक्शन प्लान बनाती है, वैसे ही पिछले साल से गर्मियों के लिए भी समर एक्शन प्लान बनाना शुरू किया है. इससे दिल्ली की आबो-हवा में और सुधार लाने में मदद मिलेगी, जब से हमने रियल टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी चालू की है, तब से अनुभव किया है कि सर्दियों में प्रदूषण की वजह अलग और गर्मियों में प्रदूषण के कारण अलग हैं.
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने समर एक्शन प्लान की घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत कुछ तात्कालिक कदम उठाए जाएंगे और कुछ दीर्घकालीन कदम उठाए जाएंगे. सर्दियों में प्रदूषण अधिकतर मौसम में बदलाव के कारण होता है. इसमें पराली जलाने, पटाखों गाड़ियों से होने वाले धुंए और खुले में आग जलाना भी शामिल है. वहीं, गर्मियों में मुख्य रूप से धूल, कूड़े के पहाड़ों और झाड़ियों में आग लगने की वजह से प्रदूषण होता है. 30 सरकारी विभागों के साथ बैठक कर यह समर एक्शन प्लान बनाया गया है. सीएम को उम्मीद है कि आने वाले दो-चार सालों में दिल्ली में एक भी दिन सीवियर और बेरी पुअर कटेगरी में नहीं होंगे.
सोर्स :-“ABP न्यूज़“
