• June 5, 2026 4:48 am

2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कितनी बदली राजस्थान की सियासत, इस बार किसका दावा कितना मजबूत

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31 मई 2023 ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने पर पार्टी जनता का समर्थन हासिल करने के लिए कई जनसभाएं कर रही है। इसी कड़ी में कल 31 मई को राजस्थान के अजमेर में पीएम मोदी बड़ी जनसभा कर अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाएंगे। राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए पीएम मोदी का दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

भाजपा जहां प्रधानमंत्री के दौरे के साथ अपनी चुनावी तैयारियों को परखेगी। वहीं, बीते दिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जारी विवाद को खत्म करने का बड़ा दावा केंद्रीय नेतृत्व ने कर दिया। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीत दर्ज करेंगे।

अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य की कांग्रेस सरकार भी चुनावी साल में अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में लगी है। हाल ही में राइट टू हेल्थ बिल पास कराकर जहां कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में माहौल बदलने की कोशिश कर रही है। वहीं, विपक्षी दल भाजपा राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध का हवाला देते हुए अपनी वापसी के दावे कर रही है। इन दोनों के अलावा अरविन्द केजरीवाल की पार्टी आप भी चुनावी मैदान में उतने की तैयारी कर रही है।

इन सब के बीच आइये जानते हैं बीते पांच साल में राज्य की सियासत में क्या-क्या बदला? 2018 के चुनाव नतीजे क्या रहे? कब-कब गहलोत सरकार पर संकट आया? राज्य में कांग्रेस की जीत का नेतृत्व करने वाले सचिन पायलट ने कब-कब गहलोत सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कीं?
 सोर्स :-“अमर उजाला”

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