15 फ़रवरी 2023 | जलवायु परिवर्तन के कारण दिन और रात के घंटों में पहले के मुकाबले अंतर तो आया है. फिर भी कमोबेश दिन का निकलना और रात का होना करीब-करीब तय समय पर ही होता है. ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि धरती पर ऐसी जगह भी हैं, जहां महीनों सूरज नहीं निकलता तो आप निश्चित तौर पर सोच में पड़ जाएंगे कि वहां लोगों का जीवन कैसा होगा? धरती के इस हिस्से में एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं, लेकिन ये दिन और रात में नहीं बंटे होते. हम बात कर रहे हैं अंटार्कटिक की.
अंटार्कटिक में बाकी जगहों की तरह चार मौसम नहीं होते. यहां सिर्फ गर्मी और सर्दी ही होती है. इनमें सर्दी के 6 महीने में कभी दिन होता ही नहीं है. वहीं, गर्मी के 6 महीनों में यहां कभी रात नहीं होती है. ये दोनों ही स्थितियां लोगों के लिए जीने के हालात मुश्किल बना देती हैं. दोनों ही समय में स्थानीय लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी मुश्किलें आती हैं. वहीं, अमेरिका के अलास्का में मई से लेकर जुलाई तक रात नहीं होती है. यहां पूरे वक्त सूरज की रोशनी रहती है.
क्यों रहता है 6 महीने रात का अंधेरा?
धरती के ज्यादातर हिस्सों में लोगों का जीवन दिन व रात और चार मौसमों के मुताबिक चलता है. वहीं, अंटार्कटिका में सिर्फ सर्दी और गर्मी ही होती है. वहीं, दिन के 24 घंटों के दौरान दिन या रात में किसी तरह का बदलाव भी नहीं होता है. ये हिस्सा पूरे 6 महीने अंधेरे में डूबा रहता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती के इस हिस्से में 6 महीने दिन और 6 महीने रात रहने का कारण पृथ्वी का अपनी धुरी पर टेढ़ी होकर घूमना है. वहीं, धरती के बाकी हिस्सों में ऐसा नहीं होता है और दिन के बाद रात और फिर दिन होता है.
