• June 7, 2026 1:02 am

किस देश में कभी नहीं होता दिन, बिना सूरज कैसे जिंदा रहते हैं लोग?

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15 फ़रवरी 2023 | जलवायु परिवर्तन के कारण दिन और रात के घंटों में पहले के मुकाबले अंतर तो आया है. फिर भी कमोबेश दिन का निकलना और रात का होना करीब-करीब तय समय पर ही होता है. ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि धरती पर ऐसी जगह भी हैं, जहां महीनों सूरज नहीं निकलता तो आप निश्चित तौर पर सोच में पड़ जाएंगे कि वहां लोगों का जीवन कैसा होगा? धरती के इस हिस्‍से में एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं, लेकिन ये दिन और रात में नहीं बंटे होते. हम बात कर रहे हैं अंटार्कटिक की.

अंटार्कटिक में बाकी जगहों की तरह चार मौसम नहीं होते. यहां सिर्फ गर्मी और सर्दी ही होती है. इनमें सर्दी के 6 महीने में कभी दिन होता ही नहीं है. वहीं, गर्मी के 6 महीनों में यहां कभी रात नहीं होती है. ये दोनों ही स्थितियां लोगों के लिए जीने के हालात मुश्किल बना देती हैं. दोनों ही समय में स्‍थानीय लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी मुश्किलें आती हैं. वहीं, अमेरिका के अलास्‍का में मई से लेकर जुलाई तक रात नहीं होती है. यहां पूरे वक्‍त सूरज की रोशनी रहती है.

क्‍यों रहता है 6 महीने रात का अंधेरा?
धरती के ज्‍यादातर हिस्‍सों में लोगों का जीवन दिन व रात और चार मौसमों के मुताबिक चलता है. वहीं, अंटार्कटिका में सिर्फ सर्दी और गर्मी ही होती है. वहीं, दिन के 24 घंटों के दौरान दिन या रात में किसी तरह का बदलाव भी नहीं होता है. ये हिस्‍सा पूरे 6 महीने अंधेरे में डूबा रहता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती के इस हिस्‍से में 6 महीने दिन और 6 महीने रात रहने का कारण पृथ्वी का अपनी धुरी पर टेढ़ी होकर घूमना है. वहीं, धरती के बाकी हिस्‍सों में ऐसा नहीं होता है और दिन के बाद रात और फिर दिन होता है.

अंटार्कटिका में कैसा है आम जीवन?
अंटार्कटिका में वैसे तो कोई आबादी नहीं है, लेकिन अलग-अलग शोध करने वाले वैज्ञानिकों का दल सर्दियों में यहां खासतौर पर रहता है क्‍योंकि इसी दौरान वे यहां अलग-अलग खोज करते हैं. अंटार्कटिका में सूरज के डूबने के बाद कोई ना तो आ सकता है और ना ही वहां से बाहर जा सकता है. इस दौरान वैज्ञानिकों को कॉन्‍कॉर्डिया रिसर्च स्‍टेशन में मौजूद खाने-पीने की चीजों से ही काम चलाना होता है. सर्दियों में यहां का तापमान माइन 80 डिग्री सेलिस्‍यस तक गिर जाता है. इतनी सर्दी में इंसान के दिमाग में ऑक्‍सीजन का स्‍तर तेजी से गिरने लगता है. मेडिकल साइंस में इसे क्रॉनिक हाइपोबेरिक हाइपोक्सिया कहते हैं.

अंटार्कटिका में कैसा है आम जीवन?
अंटार्कटिका में वैसे तो कोई आबादी नहीं है, लेकिन अलग-अलग शोध करने वाले वैज्ञानिकों का दल सर्दियों में यहां खासतौर पर रहता है क्‍योंकि इसी दौरान वे यहां अलग-अलग खोज करते हैं. अंटार्कटिका में सूरज के डूबने के बाद कोई ना तो आ सकता है और ना ही वहां से बाहर जा सकता है. इस दौरान वैज्ञानिकों को कॉन्‍कॉर्डिया रिसर्च स्‍टेशन में मौजूद खाने-पीने की चीजों से ही काम चलाना होता है. सर्दियों में यहां का तापमान माइन 80 डिग्री सेलिस्‍यस तक गिर जाता है. इतनी सर्दी में इंसान के दिमाग में ऑक्‍सीजन का स्‍तर तेजी से गिरने लगता है. मेडिकल साइंस में इसे क्रॉनिक हाइपोबेरिक हाइपोक्सिया कहते हैं.

किन देशों में कभी नहीं होती रात?
दुनिया में कई देश ऐसे भी हैं, जहां लंबे समय तक सूरज डूबता ही नहीं है. वहीं, कुछ जगहों पर सिर्फ 40 मिनट की ही रात होती है. नार्वे में आधी रात के बाद सूर्य अस्‍त होता है और महज 40 मिनट बाद ही उदय भी हो जाता है. नार्वे पृथ्वी की ऐसी जगह है, जहां 12.43 बजे सूरज डूबता है और सिर्फ 40 मिनट बाद करीब 1.30 बजे फिर उदय हो जाता है. नार्वे में ये सिलसिला हर साल 76 दिन तक चलता है. नार्वे में मई से जुलाई तक रात नहीं होती है. इसीलिए नार्वे को ‘लैंड ऑफ द मिड नाइट सन’ भी कहा जाता है. इसके अलावा यूरोप का सबसे बड़ा आइलैंड आइसलैंड में है. यहां भी मई से लेकर जुलाई के अंत तक रात नहीं होती है.

सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”   


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