अमेरिका के फ्लोरिडा में 52 साल का एक व्यक्ति तेज सिरदर्द की समस्या से काफी परेशान था. जब दर्द असहनीय हुआ, तो उसने अस्पताल जाकर अपना चेकअप कराया. लेकिन ब्रेन स्कैनिंग के बाद दिमाग में जो कुछ भी नजर आया, उसे देखकर डॉक्टर भी हिल गए.
एक अधेड़ व्यक्ति को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसका दिमाग कीड़ों का घर बन चुका है. डॉक्टरों ने जब शख्स के ब्रेन का MRI किया, तो पता चला कि दिमाग में टेपवर्म यानि फीता कृमि पल रहे हैं, जो धीरे-धीरे उसे मौत के मुहाने पर ले जा रहे थे. यह कीड़ा एक तरह का परजीवी है, जो आमतौर पर आंतों में पाया जाता है. लेकिन यह मरीज के दिमाग तक पहुंच गया था.
फ्लोरिडा के रहने वाले 52 वर्षीय शख्स की पहचान गुप्त रखी गई है. गंभीर माइग्रेन की शिकायत के बाद वह शहर के एक अस्पताल पहुंचा था. जहां डॉक्टरों ने जब उसके सिर को स्कैन किया, तो रिपोर्ट देखकर चौंक गए. क्योंकि, शख्स के दिमाग में उन्हें कई गांठें नजर आईं. ये गांठें कुछ और नहीं बल्कि फीता कृमि और उसके अंडे थे. डॉक्टरों का मानना है कि अधपका मीट खाने से मरीज का यह हाल हुआ है.
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, व्यक्ति को पिछले चार महीने से तेज सिरदर्द की समस्या था. उसने बताया कि उसे सॉफ्ट बेकन बहुत पसंद है. यह डिश सूअर के मांस से बनती है. डॉक्टर्स के मुताबिक, अधपका बेकन खाने से ही वह इस स्थित में है. मेडिकल टर्म में इसे पैरासाइटिक इन्फेक्शन न्यूरोसिस्टिसरकोसिस कहा जाता है.
अमेरिकन जर्नल ऑफ केस रिपोर्ट्स में हाल ही में शख्स की केस स्टडी पब्लिश हुई थी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस विचित्र बीमारी के लिए बेकन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है. असल में व्यक्ति ने अधपका बेकन खाया था, जिसकी वजह से फीता कृमि का अटैक हुआ है.
दिमाग में कीड़े की मौजूदगी का पता चलते ही मरीज को आईसीयू में भर्ती कराया गया. फिर दिमाग में सूजन कम करने के लिए उसे ट्रीटमेंट दिया गया. कीड़ों से होने वाले इन्फेक्शन से बचाव के लिए उसे दो सप्ताह तक दवाएं दी गईं. डॉक्टरों ने बताया कि धीरे-धीरे गांठें खत्म हो गईं और मरीज को माइग्रेन से भी राहत मिल गई.
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन के मुताबिक, अमेरिका में न्यूरोसिस्टिसरकोसिस की वजह से हर साल लगभग एक हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है. इसे दिमागी इन्फेक्शन से जुड़ी गंभीर स्थिति माना जाता है. इस मेडिकल कंडीशन में मरीज में तेज सिरदर्द, बोलने में दिक्कत, कमजोरी और मिर्गी के दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिख सकते हैं. इन्फेक्शन होने पर फीता कृमि दिमाग और लिवर के साथ आंतों में भी तेजी से पनप सकते हैं, जो मौत का कारण भी बन सकते हैं.
