07 जून 2022 | ट्रेन में सीट या बर्थ (Train Seat/Berth) बुक कराने पर यात्रियों को कुछ शुल्क या चार्ज (Fee and charges on train ticket booking) का भुगतान करना होता है। साथ ही उन्हें जीएसटी (Goods and Service Tax) भी चुकाना होता है। ये शुल्क क्लास या श्रेणी के आधार पर अलग अलग होते हैं।
क्या आपको पता है कि रेलगाड़ी में सीट या बर्थ का रिजर्वेशन (Train Berth Reservation) कराने के लिए आपको कुछ चार्जेज भी देना होता है। रेलवे इस चार्ज को रिजर्वेशन फी (Reservation Fee) के रूप में वसूलता है। इसके अलावा जो ट्रेन सुपरफास्ट (Superfast Train) का दर्जा प्राप्त हैं, उनमें रिजर्वेशन कराने पर कुछ शुल्क रिजर्वेशन चार्ज के रूप में भी चुकाना होता है। यह चार्ज ट्रेन के बेस फेयर के अलावा होता है।
अपने यहां ट्रेन में सीट या बर्थ की बुकिंग के लिए यूं तो रेलवे स्टेशन या कुछ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर रिजर्वेशन खिड़की बनी हुई है। इसके अलावा जो ऑनलाइन बुकिंग कराते हैं, उनके लिए अलग से व्यवस्था है। दरअसल, सरकारी कंपनी आईआरसीटीसी ने एक पोर्टल डेवलप किया है। इसी पोर्टल पर रात या दिन कभी भी टिकट बुक कराने की सुविधा है। इसके लिए आईआरसीटीसी प्रति टिकट सर्विस चार्ज लेती है। यह हर नॉन एसी क्लास के टिकट पर 20 रुपये जबकि एसी क्लास के टिकट पर 40 रुपये है। इसके अलावा 18 फीसदी का जीएसटी भी देय होता है।
ट्रेन के रिजर्व टिकट पर भी वस्तु एवं सेवा कर देय होता है। हालांकि सभी तरह के ट्रेन के टिकट पर जीएसटी नहीं लगता है। सरकार ने फैसला किया है कि ट्रेन के एसी क्लास में यात्रा करने पर बेस फेयर का पांच फीसदी जीएसटी चुकाना होगा। इसी तरह बिना एसी वाले फस्ट क्लास पर भी जीएसटी देय होता है। हालांकि, अब यह क्लास किसी ट्रेन में है नहीं। स्लीपर क्लास और सेकेंड क्लास का टिकट चाहे रिजर्व हो या अनरिजर्व, उस पर जीएसटी नहीं लगता है।
रेलवे की टिकट खिड़की पर टिकट बुक कराने के लिए आपको घर से तैयार होकर जाना पड़ेगा। यदि आप वहां गए भी तो ऑटो टैक्सी से जाना होगा। वहां भी सीमित समय में ही टिकट बुक कराने की सुविधा मिलती है। लेकिन यदि आप आईआरसीटीसी की साइट irctc.co.in से टिकट बुक कराते हैं तो दिन, रात कभी भी टिकट बुक करा सकते हैं। वह भी अपने घर में लेटे लेटे भी मोबाइल फोन या लैपटॉप से। साथ ही समय की कोई पाबंदी नहीं है।
रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार अब एक यूजर आईडी (IRCTC ID) से महीने में 12 टिकटें बुक कराई जा सकेंगी। पहले एक यूजर आईडी पर महीने में सिर्फ छह टिकट बुक कराने की सुविधा थी। जिन्होंने अपने यूजर आईडी को आधार संख्या से लिंक कर लिया है, उनके लिए भी टिकट बुक कराने की अधिकतम सीमा बढ़ा दी गई है। पहले ऐसे आईडी पर महीने में 12 टिकट बुक कराने की सुविधा थी। अब इसे बढ़ा कर 24 कर दिया गया है।
Source :-“ नवभारत टाइम्स”
