• October 6, 2022 3:32 am

ये हैं क्रिकेटर पवन, गरीबी और दिव्यांगता के आगे नहीं झुके, अंतरराष्ट्रीय स्‍तर में बनाई पहचान

ByPrompt Times

May 20, 2021
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करनाल l 20-मई-2021 l हौसले एवं दृढ़ इच्छाशक्ति से आसमान में छेदकर सफलता को घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सकता है। इन पंक्तियों को चरितार्थ किया है निसिंग के वार्ड 13 निवासी दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी पवन कुमार ने। अपनी प्रतिभा के दम पर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में जगह बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही मैच में बेहतर प्रदर्शन करके पवन ने प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले दाएं हाथ के खिलाड़ी दिव्यांग पवन कुमार को बचपन से ही क्रिकेटर बन कर देश के लिए खेलने का शौक था। सपना पूरा करने के लिए गरीब माता-पिता ने सहयोग करते हुए उसका हौसला बढ़ाया। अपने मुफलिसी और दिव्यांगता को कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया।
उसने जिला स्तर से खेलना शुरू किया, जिसके बाद स्टेट लेवल पर अपने उम्दा खेल से राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। पवन ने बताया कि वह दाएं हाथ से दिव्यांग है लेकिन देश के लिए खेलने की ललक के सामने यह कमजोरी कुछ भी नहीं। वह बाएं हाथ से लेग स्पिनर के रूप में टीम में खेलता है और क्रिकेट के माध्यम से अच्छा प्रदर्शन कर क्षेत्र व देश का नाम विश्व में चमकाना चाहता है।

2016 की ट्राई सीरीज में झटके थे 10 विकेट
पवन के अनुसार वर्ष 2016 में हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के बीच ट्राई सीरीज आयोजित की गई। इसमें उसने हरियाणा की ओर से खेलते हुए तीन मैच में 10 विकेट लिए। इसके बाद उसका चयन नॉर्थ जॉन के लिए हो गया और ईस्ट जॉन के खिलाफ खेलते हुए चार मैच में 14 विकेट लिए, जिनमें एक मैच मेंं लिए गए पांच विकेट भी शामिल हैं। इसके लिए उसे मैन ऑफ द मैच भी चुना गया।

अंतरराष्ट्रीय खेलों में मैन ऑफ द मैच बन बटोरी सुर्खियां
ईस्ट जोन के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बाद उसका चयन राष्ट्रीय टीम में हुआ। वर्ष-2018 मेंं अफगानिस्तान की टीम पांच मैचों की सीरीज खेलने भारत आई। मुंबई में आयोजित इस सीरीज में पवन ने उम्दा प्रदर्शन किया। उन्‍होंने बताया कि पहले ही मैच में एक ऑवर में दो और कुल तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। सीरीज में उसने 10 विकेट हासिल किए थे। भारत ने सीरीज में जीत हासिल की थी।

2020 में विश्व कप जीतने वाली टीम में चयनित
पवन ने बताया कि वर्ष-2020 में इंग्लैंड में हुए विश्व कप के लिए चयनित 45 सदस्यीय टीम में उसका नाम था लेकिन इससे पहले ही एक एक्सीडेंट में चोटिल होने के कारण वह नहीं खेल सका। अब वह 2022-23 में होने वाले विश्व कप के लिए तैयारियों में जुटा है। हालांकि कोरोना की वजह से ग्राउंड बंद होने के कारण वह घर पर ही प्रैक्टिस कर रहा है। देश के लिए विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना उसका सपना है।


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