उन्नतिशील खेती से आएगी खुशहाली, आंदोलन नहीं खुद को बदलना जरूरी
उत्तरप्रदेश

उन्नतिशील खेती से आएगी खुशहाली, आंदोलन नहीं खुद को बदलना जरूरी

सफीपुर (उन्नाव) : गोड़िया बाग निवासी रमेश परंपरागत खेती छोड़कर अब प्रगतिशील किसान बन चुके हैं। व्यवसायिक खेती कर खूब मुनाफा कमा रहे हैं। टमाटर,प्याज मटर, फूल गोभी और गाजर की उन्नतिशील किस्म की फसलें लगाते हैं जो बेहतर दामों पर बेचते हैं। रमेश साफ कहते हैं कि किसान आंदोलन से अधिक जरूरी है कि किसान खुद को बदल लें। उन्नतिशील खेती से ही घर में खुशहाली आ सकेगी।

रमेश लंबे अरसे से धान, गेंहू की परंपरागत खेती करते आ रहे थे। फसल की लागत निकलना दूभर था। कुछ प्रगतिशील किसानों के परामर्श पर उन्होंने उन्नतिशील खेती शुरू की। टमाटर,प्याज, मटर, फूल गोभी, गाजर की उन्नतिशील किस्म उपजा रमेश अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। वहा प्याज और टमाटर अधिक लगाते हैं। असल में ये दोनों सब्जियां आपरेशन ग्रीन के तहत आती है जिसमें कम लागत में अधिक मुनाफा मिलता है। रमेश एक हेक्टेयर में खेती कर रहे हैं। कम लागत के साथ हर फसल से 60 से 70 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। पहले धान और गेहूं की फसल में आमदनी से अधिक नुकसान होता था।

  • साथी किसानों को दे रहे टिप्स

रमेश खुद प्रगतिशील किसान हैं तो अन्य किसानों को भी परंपरागत खेती छोड़ नई खेती करने की सलाह दे रहे हैं। गोड़िया और उसके आस-पास के गांवों के किसान भी अब टमाटर, प्याज, गोभी, गाजर की फसल कर रहे हैं।

एसडीएम ने देखा गोवंशों के लिए जाड़े का प्रबंध पुरवा : गुरुवार को एसडीएम ने तहसील क्षेत्र की गौशालओं का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम ने पशुओं को ठंड से बचाने के कड़े निर्देश दिए हैं। एसडीएम राजेश चौरसिया ने ग्राम नेवादा की गौशाला का निरीक्षण किया। जहां चारे, पानी, टीनशेड व पशुओं की स्थिति का जायजा लिया। इसमें संतोषजनक व्यवस्था मिली। इसके बाद उन्होंने कड़े निर्देश देकर कहा कि यदि सड़कों पर पशुओं का झुंड घूमते मिले तो त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही रात्रि में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए कोई कसर न छोड़ी जाए। एसडीएम ने सभी गौशाला संचालकों व पशु विभाग को पशुओं के नियमित चेकअप के निर्देश दिए। गौशालओं में अलाव, तिरपाल आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए गए है।

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