• June 8, 2026 4:12 pm

‘हिंदुओं से माफी मांगे पश्चिमी देशों का मीडिया’, राम मंदिर की कवरेज पर VHP खफा

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24जनवरी 2024
अयोध्या में 500 साल बाद राम मंदिर बनने का सपना साकार हुआ है. 22 जनवरी को इसका उद्घाटन समारोह था. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई. 500 साल की लड़ाई के बाद रामलला अपने नए और भव्य मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान हुए. देश के साथ-साथ दुनिया के हर कोने में रहने वाले भारतीयों ने इसका जश्न मनाया. देश और दुनिया के तमाम अखबारों, मीडिया चैनलों में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की जबरदस्त कवरेज हुई. मगर पश्चिमी मीडिया ने इसकी बायस्ड रिपोर्टिंग की.

राम मंदिर पर बायस्ड कवरेज को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया चैप्टर ने पश्चिमी मीडिया की कड़ी आलोचना की है. इसके साथ ही विहिप ने ये भी कहा कि राम मंदिर और इससे जुड़े जो भी आर्टिकल पब्लिश किए गए हैं, पश्चिमी मीडिया उसे तुरंत हटाए और राम मंदिर की बायस्ड रिपोर्टिंग के लिए हिंदुओं से माफी मांगे.

राम मंदिर की बायस्ड रिपोर्टिंग से VHP में नाराजगी

विहिप के अमेरिका चैप्टर ने एबीसी, बीबीसी, सीएनएन, एमएसएनबीसी और अल जजीरा के वेबसाइटों की जमकर आलोचना की है. विहिप अमेरिका चैप्टर ने इन चैनलों से अपनी-अपनी वेबसाइटों से उन आर्टिकल को तुरंत हटाने की मांग की है. वीएचपीए ने कहा कि हम इन न्यूज वेबसाइटों से रिक्वेस्ट करते हैं कि सभी फैक्ट्स को सही करके दोबारा उन आर्टिकल को पब्लिश करे.

इस तरह की भ्रामक रिपोर्टिंग सही नहीं- VHP कनाडा

उन तथ्यों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शामिल करे. बायस्ड रिपोर्टिंग से असामाजिक तत्वों को बढ़ावा मिलता है. इसके अलावा विहिप (अमेरिका) ने कहा इस तरह की हरकतें गैरजिम्मेदार पत्रकारिता के समान हैं, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है. वीएचपी के कनाडा और ऑस्ट्रेलिया चैप्टर ने भी इसी तरह का बयान दिया है. विहिप कनाडा ने कहा कि इस तरह की भ्रामक रिपोर्टिंग सही नहीं है.

500 साल बाद राम मंदिर बनने का सपना साकार

विहिप कनाडा ने कहा दुनिया भर में जितने भी हिंदू समुदाय के लोग हैं सभी ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मूल्यों में विश्वास करते हैं. यह गलत पत्रकारिता का उद्देश्य है. इससे हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने का खतरा बढ़ जाता है. विहिप (ऑस्ट्रेलिया) ने भी यही बात कही है. बता दें कि 22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन समारोह था. 500 साल की लंबी लड़ाई के बाद रामलला टेंट से नए मंदिर में विराजमान हुए.


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