• June 8, 2026 10:04 am

जासूसी गुब्बारे क्या होते हैं, क्यों इस्तेमाल किए जाते हैं, कैसे करते हैं निगरानी?

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08 फ़रवरी 2023 | चीन और अमेरिका के बीच जासूसी गुब्‍बारे को लेकर तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है. दरअसल, अमेरिका ने अपने हवाई क्षेत्र में उड़ रहे चीन के जासूसी गुब्‍बारे को निशाना बनाकर नष्‍ट कर दिया. साथ ही अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया कि उसने जासूसी के लिए इनका इस्‍तेमाल किया. वहीं, चीन ने सफाई देते हुए कहा है कि ये रास्‍ता भटक गया मौसम निगरानी गुब्‍बारा था. हालांकि, चीन यहीं नहीं रुका और उसने अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है. इस तनाव के बीच जानते हैं कि जासूसी गुब्‍बारे क्‍या होते हैं? कैसे काम करते हैं और क्‍यों इस्‍तेमाल किए जाते हैं?

जासूसी गुब्‍बारे को निगरानी गुब्‍बारे भी कहा जाता है. निगरानी गुब्‍बारों का जासूसी के इतिहास में लंबा सफर है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में भी निगरानी गुब्‍बारों के इसतेमाल से कई फायदे लिए जाते हैं. उनका कहना है कि पुराने दौर की इस चीज का आज भी निगरानी के लिए खूब इस्‍तेमाल किया जाता है. ये गुब्‍बारा आकार में काफी बड़ा होता है. आसान भाषा में समझें तो इनका आकार 8 कारों से ज्‍यादा होता है. ये काफी ऊंचाई पर उड़ान भरकर निगरानी करते हैं

कैसे बनाए जाते हैं जासूसी गुब्‍बारे?
निगरानी गुब्‍बारे में हीलियम और हाइड्रोजन गैस होती हैं. इन गैसों की वजह से इस गुब्‍बारे को काफी ऊंचाई पर उड़ पाते हैं. जासूसी गुब्‍बारे में क्‍लीयर इमेजेज और वीडियोज के लिए सेंसर्स व हाई-रेजॉल्‍यूशन कैमरे समेत कई हाईटेक इक्‍वीपमेंट लगाए जाते हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, चीन के गिराए गए जासूसी गुब्‍बारे में प्रोपेलर भी लगे थे. इसका मतलब है कि ये गुब्‍बारा कमांड मिलने पर दिशा बदल सकता है.

जासूसी गुब्‍बारे का इस्‍तेमाल क्‍यों?
सैटेलाइट के जमाने में जासूसी गुब्‍बारे का इस्‍तेमाल लोगों को अटपटा लग सकता है. इस पर कोलोराडो यूनिवसिर्टी में एयरोस्‍पेस इंजीनियरिंग साइंस के प्रोफेसर इयान बॉयड का कहना है कि आधुनिक निगरानी गुब्‍बारों में हाईटेक उपकरण लगाए जाते हैं. ये बहुत ऊंचाई पर रहने के कारण बिना किसी की नजर में काफी नजदीक से निगरानी रख सकते हैं. इन गुब्‍बारों का ज्‍यादातर मौसम निगरानी के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है. लेकिन, कुछ मामलों में सरकारें एडवांस इक्‍वीपमेंट के साथ इनका जासूसी के लिए भी इस्‍तेमाल करती हैं. इनमें गाइडिंग एपरेटस लगाकर इन्‍हें तय रूट पर ले जाया जा सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, जासूसी गुब्‍बारे कमर्शियल प्‍लेंस, फाइटर प्‍लेंस और कई बार स्‍पाई प्‍लेंस के मुकाबले बेहतर निगरानी कर सकते हैं.

सैटेलाइट निगरानी से बेहतर कैसे?
सैटेलाइट धरती की कक्षा में रहकर एक मानक पद्धति के तहत जासूसी कर सकते हैं. वहीं, कमर्शियल एयरलाइंस की ऊंचाई पर उड़ने वाले जासूसी गुब्‍बारे सैटेलाइट के मुकाबले ज्‍यादा साफ तस्‍वीरें उपलब्‍ध करा सकते हैं. बॉयड ने कहा कि सैटेलाइट की गति बहुत ज्‍यादा होती है. इसलिए इनसे ली गईं तस्‍वीरें जासूसी गुब्‍बारों के मुकाबले साफ नहीं होती हैं. वह बताते हैं कि धरती की निचली कक्षा में मौजूद सैटेलाइट 90 मिनट के भीतर एक चक्‍कर लगा लेते हैं. वहीं, दूसरी तरह के सैटेलाइट धरती के साथ कक्षा में चक्‍कर लगाते हैं. ये सैटेलाइट एक ही जगह तस्‍वीरें ले सकते हैं. ये धरती की बाहरी कक्षा यानी काफी दूरी से तस्‍वीरें लेते हैं. इसलिए ये तस्‍वीरें भी बहुत साफ नहीं होती हैं.

सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”   


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